
Bastertime exclusive report
जिला – नारायणपुर
एक दुखत खबर जिससे जिले भर के लोगो को मासूम बच्चे के चले जाने से शोग मे डाल दिया 8 वर्षीय स्व श्री.. भौमीक दीपक 29-9-25 एक दर्दनाक हादसा एक कार के तेज रफ्तार से आ कर के A.G सिनेमा के पास पिता और पुत्र को पीछे से ठोकर मार कर भाग जाता हैँ गाड़ी नंबर C.G-08-AY 9411 वाहन चालक का नाम सुनील कथूरिया हैँ सुनील जो स्वयं वाहन चालक था वो

हादसे मे पिता के हाथो मे गंभीत चोट लगने के कारण घटना स्थल से नहीं उठ पाए जिस से अस पास मे अफरा तफरी मचने से बच्चे को उठा कर तत्काल हॉस्पिटल लाया गया और 20/25 मिनट के बाद बच्चे की मृत्यु हो जाती है पिता जब हॉस्पिटल आया अपने बच्चे को देखने के लिए तो अपने बच्चे को मृतय पाया
पिता ने अपने पुत्र की अंतिम यात्रा की तैयारी के लिए अपने गृह ग्राम ले के चले गए……
केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य – रवि शंकर यादव का कहना हैँ भौमिक दीपक पढ़ाई मे होनहार व खेलकूद में अव्वल था जिस दिन यह दर्दनाक घटना हुआ उस दिन उसे एक पेंटिंग प्रतियोगिता के पुरस्कार से सम्मानित किया जाना था प्राचार्य ने परिवार के प्रति शोग संवेदना व्यक्त किया
8-12-2025 को ज़ब अंबेडकर पार्क में शाम के समय स्व श्री.. भौमिक दीपक का श्रद्धांजलि अर्पित माता-पिता के द्वारा रखा गया जिसमें साहू समाज के एवं हर वर्ग के लोग मौजूद थे शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी गण भी मौजूद थे मोमबत्ती जलाकर स्व.. श्री भौमिक दीपक को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित किया गया

तहसीलदार
Dr. एजाज हाशमी – का बयान हैँ की मेरी गाड़ी टाटा पंच को ठोकर मारने वाला गाड़ी अर्टिगा थी गाड़ी इसके बाद मेरी गाड़ी को बहुत हानि हुई थी स्वयं गाड़ी मालिक के रिश्ते दार द्वारा मेरी गाड़ी की मरम्मत पूरी तरीके से कर दी जाएगी यह कहकर मुझे आश्वासन दिया गया जिस जवाब से मै संतुष्ट हूँ वर्तमान में मेरी गाड़ी बनाने दी गई है

थाना प्रभारी जिला नारायणपुर
विनीत दुबे – जिसका साफ तौर पर कहना यह है की विधिवत कार्रवाई होगी कार्रवाई से कोई बच नहीं पावेगा आरोपी के ऊपर अभी वर्तमान में धारा लगाई हैं 218,1061,125,A धारा 1061 आपराधिक मानव उपेक्षा द्वारा मृत्यु आधारित करना
न्यायपालिका पर एक बड़ा सवाल ?
माता पिता व और समाज का आरोप
धारा 106 के तहत हिट एंड रन केस यदि ड्राइवर मौके से भाग जाता है और पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचित नहीं करता है, तो 10 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।
स्पष्ट रूप से किया गया एक्सीडेंट अ नियंत्रण होकर आ रही कार जो कि पिता और पुत्र को पीछे से ठोकर मारने से पहले तहसीलदार के गाड़ी को भी ठोकर मार कर आ रहा था स्वयं चालक की घोर लापरवाही को दर्शाता है यह एक्सीडेंट जिसके कारण एक मासूम बच्चे की जान चली गई परिवार न्याय की गुहार लगाकर एस.पी एवं कलेक्टर ऑफिस के सामने बिलक रहे हैँ जहां कडी कार्रवाई होने की आशंका थी वहा हलका सा केस बनाकर मामला को रफा-दफा कर मुंह चलका जमानत करके आरोपी को छोड़ दिया गया समाज का कहना यह है कि हम पीड़ित परिवार के साथ हैं और आखिरी तक हम यह लड़ाई लड़ेंगे जब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा तब तक हम न्यायपालिका का दरवाजा नहीं छोड़ेंगे !





