September 11, 2026 5:50 pm

मौत से जीती मासूम 9000 (1.50 से 4.50 लाख नार्मल रेंज) प्लेटलेट्स, बेहोशी और सेरेब्रल मलेरिया के बीच जिला अस्पताल नारायणपुर के डॉक्टरो ने लौटाई मुस्कान

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नारायणपुर, जिला चिकित्सालय नारायणपुर मे चिकित्सकों की त्वरीत सूझबूझ, समय पर उपचार और लगातार गहन चिकित्सा से सेरेब्रल मलेरिया से पीड़ित एक मासूम बच्ची को नया जीवन मिला। अस्पताल पहुंचने के समय बच्ची बेहोशी (UNCONSCIOUS) की अवस्था में थी तथा जांच मे उसके प्लेटलेट्स 9000 पाये गया, उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी और जीवन पर संकट मंडरा रहा था।

मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए डॉ. विनोद भोयर और उनकी टीम ने बिना समय गंवाए रात्रि मे फ्रेश ब्लड की व्यवस्था कर तत्काल ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया इसमे निहाल तिवारी, बखरूपारा नारायणपुर के द्वारा ब्लड डोनेशन कर एक मिशाल कायम किया। सेरेब्रल मलेरिया के उपचार के लिए तुरंत क्यूनिन इंजेक्शन सुरू किया गया। मरीज को आई.सी. यू. मे भर्ती कर लगातार निगरानी, आवश्यक दवाईयों एवं गहन चिकित्सा के माध्यम से उपचार जारी रखा गया। लगातार उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सीय देखरेख के परिणामस्वरूप बच्ची की स्थिति मे धीरे-धीरे सुधार होने लगा। प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ी, होश वापस आया और कुछ दिनों के अथक प्रयास के बाद बच्ची पूरी तरह खतरे से बाहर आ गई।

इस सफल उपचार मे सिविल सर्जन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. विनोद भोयर, शिशु रोग विशेषज्ञ के नेतृत्व में डॉ. दिलीप सिन्हा, डॉ. आदित्य केक्ती, डॉ. मोनिका मीना तथा आई.सी.यू. स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुरी टीम ने रात भर सतत् निगरानी, समय पर उपचार और समर्पित प्रयासो से मरीज की जान बचाने में सफलता प्राप्त की।

इस अवसर पर सिविल सर्जन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. विनोद भोयर ने बताया कि सेरेब्रल मलेरिया एवं जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान, शीघ्र उपचार और उचित गहन चिकित्सा से मरीज की जान बचाई जा सकती है। उन्होने आमजन से अपील की कि तेज बुखार, ठण्ड के साथ या सिर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना विलंब नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या जिला चिकित्सालय में पहुंचकर जांच एवं उपचार अवश्य कराएं।

यह सफल उपचार जिला चिकित्सालय नारायणपुर की चिकित्सकीय टीम की दक्षता, समर्पण और मरीजों के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहण है। इससे एक बार फिर यह सिद्ध हुआ कि समय पर उपचार, सही निर्णय और टीमवर्क से गंभीर से गंभीर मरीज को भी नया जीवन दिया जा सकता है।

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