June 6, 2026 2:46 am

भाजपा सरकार के ‘गरीब हितैषी’ नारे सिर्फ पोस्टर तक सीमित हैं, ज़मीनी हकीकत में भूख और बदहाली है

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नगर पालिका पार्षद जय वट्टी ने कहा भाजपा सरकार की गरीब-विरोधी नीतियों का एक और उदाहरण: नगरपालिका की सोसायटी पर ताले, गरीब का राशन बंद

जितने भी उचित मूल्य की सोसायटीयों है सभी पर ताले जड़े हुए हैं। कुछ ही दिनों बाद विश्वप्रसिद्ध मावली मेला आयोजित होने जा रहा है, लेकिन उससे पहले ही मध्यम वर्ग और गरीबी रेखा के अंतर्गत जीवन यापन करने वाले परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ये परिवार अपनी मूलभूत आवश्यकता—राशन चावल—पर पूरी तरह निर्भर हैं, और आज वही सुविधा भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण ठप पड़ी है।

एक तरफ भाजपा सरकार स्वयं को गरीबों की हितैषी बताने का ढोंग करती है, बड़े-बड़े मंचों से योजनाओं के ढोल पीटे जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि गरीबों के हक की सोसायटी बंद पड़ी हैं और शासन-प्रशासन पूरी तरह मौन साधे बैठा है। यह साफ दर्शाता है कि भाजपा के लिए गरीब सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं,

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आज जिला कलेक्टर महोदया को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई है कि दो दिनों के भीतर सभी बंद सोसायटीयों को खोला जाए एवं पात्र परिवारों को तत्काल चावल वितरण सुनिश्चित किया जाए। यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार और जिला प्रशासन की होगी। और जनता जरूर जवाब देगी

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