
नारायणपुर।
पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण एवं सीट वृद्धि की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना एवं रैली का आयोजन किया गया। रैली के उपरांत छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
विदित हो कि साल 2007 में नारायणपुर जिला गठन के बाद भी अब तक मात्र 50 सीट वाला छात्रावास संचालित है, जिसमें स्कूल और कॉलेज दोनों के छात्र-छात्राएँ रहकर पढ़ाई करते हैं। सीमित सीटों के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी आवास सुविधा से वंचित रहते हैं।। नतीजतन नारायणपुर के कई मेधावी छात्र-छात्राएँ छात्रावास से वंचित होकर पढ़ाई छोड़ देते हैं या मजबूरीवश मजदूरी करने बाहर चले जाते हैं। छात्र-छात्राएँ हाथों में “अपना अधिकार मांगते” लिखे कार्ड लेकर घंटों तक धरना पर बैठे रहे और अपनी मांगों को बुलंद आवाज़ में नारे बाजी करते दिखे इस अवसर पर जितने भी छात्र-छात्राएँ आवासीय सुविधा से वंचित हैं, वे सभी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।
एन.एस.यू.आई. जिला अध्यक्ष विजय सलाम ने कहा –
“बस्तर संभाग से हमारे स्थानीय विधायक ही प्रदेश सरकार में एकमात्र मंत्री हैं, फिर भी नारायणपुर के युवाओं की इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिले की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि ग्रामीण परिवार अपने बच्चों को किराए के मकान में रखकर पढ़ा सकें। नतीजतन बच्चे पढ़ाई छोड़ने और गलत रास्ता चुनने पर मजबूर हो जाते हैं। यदि 200 सीटों का छात्रावास तत्काल बनाया जाता है तो नारायणपुर में शिक्षा का नया आलोक जगेगा और हजारों छात्रों का भविष्य संवरेगा।”
छोटेडोंगर कॉलेज की स्थिति
कार्यक्रम में उपस्थित उमेश कर्मा ने कहा –
“भूपेश बघेल जी की सरकार में ग्रामीण अंचल के बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए छोटेडोंगर कॉलेज खोला गया था, ताकि शिक्षा का स्तर सुधरे। लेकिन आज तक आवासीय सुविधा उपलब्ध न होने के कारण वहाँ छात्र पढ़ाई करने नहीं जाते और वह कॉलेज लगभग बंद होने की स्थिति में पहुँच गया है। यदि हॉस्टल की व्यवस्था होती तो यह कॉलेज भी सक्रिय रहता और स्थानीय युवाओं को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलते।”
आंदोलन की चेतावनी
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही छात्रावास की सीट वृद्धि एवं नए भवन निर्माण की मांग पूरी नहीं की गई तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन होगा





