
स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत हॉस्टल में रह रही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (gnm) की छात्राओं को परीक्षा देने के लिए स्वयं के खर्च पर जलदलपुर तक यात्रा करनी पड़ रही है। हैरानी की बात यह है कि उनके साथ ना कोई जिम्मेदार अधिकारी है, ना प्रशासन की ओर से कोई सुविधा, और ना ही कोई सरकारी वाहन या रुकने की व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है
युवा पार्षद जय वट्टी
*यह स्थिति अधीक्षिका की घोर लापरवाही को दर्शाती है, जहाँ छात्राओं के भविष्य और सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है
युवा कांग्रेस के साथियों ने जब छात्रवास अधीक्षक से बात करने के कोशिश किए मगर उनके द्वारा टाल मटोल किया गया साथ ही आनन फानन में उन्होंने वाहन की किराया देने की बात कही जिसके बाद युवा कांग्रेस द्वारा दफ्तर जाकर ज्ञापन दिया गया जय वट्टी ने सीधा सीधा छात्रवास प्राचार्य वा विभाग के लापरवाही वा छात्राओं के भविष्य को खिलवाड़ करने की बात कहा साथ ही डीपीएम साहब से सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा छात्राओं को
परीक्षा के दौरान यात्रा और रहने की सुविधा क्यों नहीं दी गई?
यदि कोई दुर्घटना या घटना घटती है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी?
जिसके बाद डीपीएम साहब के द्वारा कहा गया कि छात्रवास अधीक्षक के द्वारा कोई परीक्षा के जानकारी नहीं दिया गया है अगर दिया जाता तो सरकारी वाहन मुहैया विभाग की ओर किया जाता है मगर कोई जानकारी नहीं देने की बात कहा
युवा कांग्रेस ने प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों से माँग करते हुए कहा
छात्राओं के लिए यात्रा भत्ता या सरकारी वाहन की व्यवस्था की जाए।
साथ ही जगदलपुर में परीक्षा के दौरान रहने व खाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए
और एक प्रभारी अधिकारी को छात्राओं के साथ भेजा जाए जो उनकी सहायता कर सके।
डीपीएम साहब ने तुरंत छात्राओं के निजी वाहन की खर्च को देने की बात कही साथ ही परीक्षा खत्म होने के पश्चात सरकारी वाहन से वापस लाने की बात कहा गया
युवा कांग्रेस के साथियों ने चेतावनी देते हुए कहा ऐसे लापरवाही अधीक्षिका के ऊपर तुरंत कारवाही किया जाय और जल्द ही छात्राओं के हित में कोई ठोस कदम उठाया जाय, अन्यथा छात्राओं के साथ मिलकर इस मुद्दे को जन आंदोलन का रूप देने को मजबूर होंगे।
इस कार्यक्रम में मुख्य के रूप से युवा कांग्रेस के साथी दीपक गांधी, योगेश नेताम,आयुष पांडे,तुषार पाल, कृष्णा देवांगन, किसलय देवांगन,महेश कश्यप वा सभी युवा कांग्रेस के साथीगण उपस्थित रहे






